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श्री विजय इन्द्रधाम तीर्थ-श्री चिंतामणि पाश्र्वनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर, अम्बाला शहर में संक्रान्ति महोत्सव 

BY navyugnirmata / February 14, 2018
श्री आत्म-वल्लभ-समुद्र-इन्द्रदिन्न-रत्नाकर सूरीश्वर जी म.सा. की यशस्वी पाट-परम्परा पर सुशोभित वर्तमान गच्छाधिपति श्रुतभास्कर जैनाचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वर जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती मधुर प्रवचनकार परम पूज्य उपाध्याय श्री योगेन्द्र विजय जी म.सा. एवं सेवाभावी मुनि श्री मुनीन्द्र विजय जी म.सा. जी की पावन निश्रा में नववर्ष जनवरी माह का संक्रान्ति महोत्सव हर्षोल्लास सहित उत्तरी भारत के गुरुभक्तों द्वारा श्री विजय इन्द्रधाम तीर्थ अम्बाला के प्रांगण में मनाया गया।
दिनांक 14 जनवरी; रविवार प्रातः 9ः30 बजे गुरु भगवंत श्री विजय इन्द्रधाम में निर्माणाधीन नूतन उपाश्रय में पधारे। पाट पर विराजित होकर अपने परम उपकारी गुरुजनों के वंदन-नमन कर, मंगलाचरण सुनाकर धर्मसभा को आरम्भ किया। होशियारपुर से आए श्रीसंघ के सदस्यों ने भजन ‘गुरु आत्म यह बतला गये’ के साथ भजनों एवं गुरु गुणगायन का कार्य आरम्भ किया। लुधियाना से दो बसें, होशियारपुर से एक बस, नकोदर, पट्टी, चंडीगढ़, सामाना, दिल्ली, बंेगलौर, गांधीनगर, गुजरात इत्यादि नगरी से पधारे गुरुभक्तों ने इस श्रृंखला को आगे बढ़ाया। 
श्री सुपाश्र्वनाथ जैन युवती मण्डल के द्वारा छोटे-छोटे बच्चों को लेकर क्रोध, मान, लोभ, माया विषय पर लघु नाटक का मंचन किया गया।
आज के कार्यक्रम में सम्मानीय अतिथि डाॅ. जगत राम (क्पतमबजवत च्थ्प् डम्त् ब्ींदकपहंती) एवं उनके सहयोगी डाॅ. कामन (च्तवण् िळमदमतंस ैनतहमतल च्ळप् डम्त् ब्भ्क्ण्), डाॅ. अंकुर गुप्ता (च्तवण् िब्वतकपवसवहल क्मचजजण् च्ळप् डम्त् ब्ीकण्) डाॅ. पारुल (म्लम कमचजण् वचजीमउवसवहल) के संघ पधारे।
डाॅ. कामन एवं डाॅ. पारुल ने अपने संक्षिप्त भाषण में स्वच्छता, सादा भोजन एवं व्यायाम इत्यादि विषय पर विचार रखकर हमें निरोगी रहने का ढंग बतलाया।
हमारे माननीय अतिथि श्रीमती रिताम्बरा (डमउइमत भ्ंतलंदं ठंबाूंतक बसंेेमे ब्वउउपेेपवद) जी ने महामंत्र नवकार की महिमा पर आधारित भजन गायनकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
आज के विशिष्ट अतिथि डाॅ. राजिन्द्र कौर कमिश्नर इन्कम टैक्स ध.प. डाॅ. हरप्रीत सिंह ने गुरुचरणों में नमन करते हुए, जनसमूह को राष्ट्रहित में सदैव अपना सहर्ष सहयोग देने के लिये प्रेरित किया। उपाध्याय श्री जी ने अपने प्रवचन में फरमाया कि जिनवाणी को जीवन में धारण कर या डाॅ. जगत्राम जी की सलाह/सेवा लेकर निरोग काया प्राप्त कर सकते हैं परन्तु यह निर्णय आपको स्वयं करना है कि पहले कहा आना है। यदि आप योग व्यायाम, रात्रि भोजन एवं कंदमूल त्याग, शाकाहार इत्यादि अपनाते हो तो आप निरोगी बने रहोगे। डाॅ. राजेन्द्र कौर से वार्तालाप करते हुए उपाध्याय भगवन् ने स्थूल अदत्तादान विरमण व्रत के अतिचार तेनाहडप्पओगे का विवेचन करते हुए, राज्य विरुद्ध कर्म, चोरी, रिश्वत, विश्वासघात इत्यादि पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हम प्रतिदिन इत्यादि पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हम प्रतिदिन अपने भक्तों को (प्रतिक्रमण में) सदैव स्वच्छ, नियमानुसार व्यापार करने और सरकारी टैक्स चुकाने की प्रेरणा देते हैं।
आज के साधर्मिक वात्सल्य का लाभ स्व. श्री दर्शन कुमार जैन सुपुत्र श्री लब्भू राम जैन ‘पट्टी वाले’ की पुण्य स्मृति में श्रीमती संतोष रानी, दर्शन कुमार जैन, श्री विकास जैन, शिल्पी जैन नाहर परिवार, चंडीगढ़ वालों ने लिया। इसके साथ-साथ गुरु प्रेरणा से परिवार ने निर्माणाधीन धर्मशाला में एक कमरे के निर्माण के लिये सहयोग राशि ट्रस्ट को भेंट की।
संक्रान्ति भजन सोनू जी लुधियाना वालों ने गाया।
गुरुदेव अम्बाला से मुम्बई की तरह विहार करेंगे।
मंत्री-नरेन्द्र कुमार जैन